000 03450nam a22002297a 4500
005 20260205182440.0
008 260205b |||||||| |||| 00| 0 eng d
020 _a9789371970853
082 _a891.433 PRA
100 _aPrasad, Jai Shankar
245 _aChhota jadugar aur anya kahaniyan = छोटा जादूगर और अन्य कहानियां
260 _aChennai:
_bEkada,
_c2025.
300 _avi, 167p.:
_bpbk.:
_c20 cm.
520 _aयह संकलन जयशंकर प्रसाद की मार्मिक और जीवन-स्पर्शी कहानियों का चयन प्रस्तुत करता है, जिसमें छोटा जादूगर को मुख्य आधार बनाते हुए उनकी अन्य महत्त्वपूर्ण कहानियाँ भी सम्मिलित की गई हैं। हिंदी साहित्य में प्रसाद केवल एक कवि और नाटककार ही नहीं, बल्कि कथाकार के रूप में भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनकी कहानियाँ मानवीय संवेदना, समाज की विडंबनाओं और व्यक्ति के आत्मसंघर्ष को विशिष्ट भाषा-वैभव के साथ उकेरती हैं। छोटा जादूगर में प्रसाद ने बचपन की मासूम दृष्टि और अद्भुत आत्मबल को मार्मिक रूप से चिलित किया है। एक साधारण से लगने वाले बालक के अद्भुत जीवनानुभव हमें यह सिखाते हैं कि सपनों और आत्मविश्वास की उड़ान कितनी परिवर्तनकारी हो सकती है। बाल मन की सरलता, उसकी करुणा और उसकी सहज शक्ति को जिस बारीकी से प्रसाद ने उभारा है, वही उनकी कथा-कला की विशेष पहचान है। इस संग्रह की अन्य कहानियाँ भी समाज और व्यक्ति के भीतर छिपी हुई जटिलताओं की परतें खोलती हैं। इनमें कहीं सामाजिक परिवर्तन की आहट है, कहीं करुणा की गहरी छाप, तो कहीं जीवन का व्यावहारिक व्यंग्य। प्रसाद का गद्य अपनी काव्यमयता और दार्शनिक दृष्टि के कारण हिंदी साहित्य में अद्वितीय है।
650 _aHindi Fiction
650 _aChildren—Fiction
650 _aPrasad, Jaishankar, 1889–1937
650 _aShort Stories, Hindi—History and Criticism
650 _aSocial Conditions—India
650 _aHuman Emotions
942 _cHIN
999 _c64300
_d64300