| 000 | 01352nam a22002297a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 005 | 20260205173859.0 | ||
| 008 | 260205b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a9789371979498 | ||
| 082 | _a891.433 PRA | ||
| 100 | _aPrasad, Jai Shankar | ||
| 245 | _aTitli = तितली | ||
| 260 |
_aChennai: _bEkada, _c2025. |
||
| 300 |
_a217p.: _bpbk.: _c20 cm. |
||
| 520 | _aतितली उपन्यास मनुष्य और समाज के संघर्ष और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। इस उपन्यास में तितली, शैला, माधुरी, श्यामकुमारी, राजकुमारी आदि केवल स्त्री-सुलभ पात्र नहीं हैं, बल्कि वे ऐसी पात्र हैं जो अपनी 'कमजोरियों' से टूटकर भी मजबूत होती हैं और समाज में सुधार लाने का साहस रखती हैं | ||
| 650 | _aPrasad, Jaishankar, 1889–1937—Criticism and Interpretation | ||
| 650 | _aChhayavada | ||
| 650 | _aHindi Fiction | ||
| 650 | _aAgrarian Society—India | ||
| 650 | _aRural Life—India—Fiction | ||
| 650 | _aHuman Relationships | ||
| 942 | _cHIN | ||
| 999 |
_c64294 _d64294 |
||