000 01352nam a22002297a 4500
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020 _a9789371979498
082 _a891.433 PRA
100 _aPrasad, Jai Shankar
245 _aTitli = तितली
260 _aChennai:
_bEkada,
_c2025.
300 _a217p.:
_bpbk.:
_c20 cm.
520 _aतितली उपन्यास मनुष्य और समाज के संघर्ष और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। इस उपन्यास में तितली, शैला, माधुरी, श्यामकुमारी, राजकुमारी आदि केवल स्त्री-सुलभ पात्र नहीं हैं, बल्कि वे ऐसी पात्र हैं जो अपनी 'कमजोरियों' से टूटकर भी मजबूत होती हैं और समाज में सुधार लाने का साहस रखती हैं
650 _aPrasad, Jaishankar, 1889–1937—Criticism and Interpretation
650 _aChhayavada
650 _aHindi Fiction
650 _aAgrarian Society—India
650 _aRural Life—India—Fiction
650 _aHuman Relationships
942 _cHIN
999 _c64294
_d64294