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020 _a9789371974813
082 _a891.431 PRA
100 _aPrasad, Jai Shankar
245 _aKamayani = कामायनी
260 _aChennai:
_bEkada,
_c2025.
300 _axiii, 151p.:
_bpbk.:
_c20 cm.
520 _aकामायनी हिंदी भाषा का एक महाकाव्य है। इसके रचयिता जयशंकर प्रसाद हैं। यह आधुनिक छायावादी युग का सर्वोत्तम और प्रतिनिधि हिंदी महाकाव्य है। ‘प्रसाद’ जी की यह अंतिम काव्य रचना 1936 ई. में प्रकाशित हुई थी। जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी 1889 को काशी के सराय गोवर्धन में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा काशी में ही प्राप्त की और बाद में उन्होंने अपने घर पर ही संस्कृत, हिंदी, उर्दू और फारसी की शिक्षा ली। उन्हें कवि, नाटककार और उपन्यासकार की उपाधियों से सम्मानित किया गया। 15 नवंबर, 1937 को काशी में तपेदिक के कारण उनकी मृत्यु हो गई। महाकाव्य कामायनी के माध्यम से प्रसाद ने मनु और श्रद्धा की वैदिक कहानियों पर प्रकाश डाला है, जो दुनिया को खत्म करने वाले जलप्रलय से बचने वाले पहले पुरुष और महिला थे।
650 _aPrasad, Jaishankar, 1889–1937—Criticism and Interpretation
650 _aHindi Literature—History and Criticism
650 _aEpic Poetry, Hindi—History and Criticism
650 _aChhayavada (Hindi Literature)
650 _aMythology, Vedic—In Literature
650 _aSymbolism in Literature
942 _cHIN
999 _c64292
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