| 000 | 03517nam a22002297a 4500 | ||
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| 020 | _a9789371977739 | ||
| 082 | _a954.035092 GAN | ||
| 100 | _aGandhi, Mohandas Karamchand | ||
| 245 | _aSatya ke sath mere prayog: aatmakatha = सत्य के साथ मेरे प्रयोग: आत्मकथा | ||
| 260 |
_aChennai: _bEkada, _c2025. |
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| 300 |
_a423p.: _bpbk.: _c22 cm. |
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| 520 | _aमैं जो प्रकरण लिखने वाला हूँ, इनमें यदि पाठकों को अभिमान का भास हो, तो उन्हें अवश्य ही समझ लेना चाहिए कि मेरे शोध में खामी है और मेरी झाँकियाँ मृगजल के समान हैं। मेरे समान अनेकों का क्षय चाहे हो, पर सत्य की जय हो। अल्पात्मा को मापने के लिए हम सत्य का गज कभी छोटा न करें। मैं चाहता हूँ कि मेरे लेखों को कोई प्रमाणभूत न समझे। यही मेरी विनती है। मैं तो सिर्फ यह चाहता हूँ कि उनमें बताए गए प्रयोगों को दृष्टांत रूप मानकर सब अपने-अपने प्रयोग यथाशक्ति और यथामति करें। मुझे विश्वास है कि इस संकुचित क्षेत्र में आत्मकथा के मेरे लेखों से बहुत कुछ मिल सकेगा; क्योंकि कहने योग्य एक भी बात मैं छिपाऊँगा नहीं। मुझे आशा है कि मैं अपने दोषों का खयाल पाठकों को पूरी तरह दे सकूँगा। मुझे सत्य के शास्त्रीय प्रयोगों का वर्णन करना है। मैं कितना भला हूँ, इसका वर्णन करने की मेरी तनिक भी इच्छा नहीं है। जिस गज से स्वयं मैं अपने को मापना चाहता हूँ और जिसका उपयोग हम सबको अपने-अपने विषय में करना चाहिए।—मोहनदास करमचंद गांधी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मकथा सत्य के साथ मेरे प्रयोग हम सबको अपने आपको आँकने, मापने और अपने विकारों को दूर कर सत्य पर डटे रहने की प्रेरणा देती है। | ||
| 650 | _aMy Experiments with Truth | ||
| 650 | _aGandhi, Mahatma, 1869–1948—Autobiography | ||
| 650 | _aIndia—Freedom Movement | ||
| 650 | _aTruth—Moral and Ethical Aspects | ||
| 650 | _aNonviolence—Philosophy | ||
| 650 | _aSpiritual Life—Hinduism | ||
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