| 000 | 02831nam a22002297a 4500 | ||
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| 020 | _a9789371977326 | ||
| 082 | _a305.56880954 AMB | ||
| 100 | _aAmbedkar, Bhimrao | ||
| 245 | _aShudra kaun the? = शूद्र कौन थे ? | ||
| 260 |
_aChennai: _bEkada, _c2025. |
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| 300 |
_a172p.: _bpbk: _c22 cm. |
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| 520 | _a'शूद्र कौन थे ? डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा 1946 में लिखी गई पुस्तक, जो भारतीय जाति प्रणाली के सबसे निचले वर्ण शूद्रों के इतिहास पर केंद्रित है। यह पुस्तक ज्योतिराव फुले को समर्पित है और शूद्रों को भारत में एक अस्पृश्य जाति मानने की मिथ्या धारणाओं को तोड़ने का प्रयास करती है। आंबेडकर ने वेदों और महाभारत जैसे भारतीय ग्रंथों का संदर्भ देते हुए तर्क दिया कि शूद्र वास्तव में आर्य राजा थे, जो ब्राह्मणों के साथ लंबे संघर्ष के बाद एक निम्न जाति में परिवर्तित कर दिए गए। वे आर्य नस्ल सिद्धांत की भी चर्चा करते हैं और इंडो-आर्यन प्रवासन सिद्धांत को स्वीकार नहीं करते हैं, जिसे अकसर आर्य जाति के इतिहास का अभिन्न अंग माना जाता है। यह पुस्तक उन मिथकों और विचारधाराओं का खंडन करती है, जो शूद्रों को गलत तरीके से परिभाषित करती आई हैं और भारत में इस गलत समझी गई एवं शोषित जाति के प्रति सहिष्णुता स्थापित करने की आशा रखती है। | ||
| 650 | _aAmbedkar, B. R. (Bhimrao Ramji), 1891–1956—Political and Social Views | ||
| 650 | _aShudras—India—History | ||
| 650 | _aCaste System | ||
| 650 | _aSocial Stratification—India | ||
| 650 | _aIndia—Social Conditions—Ancient Period | ||
| 650 | _aUntouchability—India—History | ||
| 942 | _cHIN | ||
| 999 |
_c64270 _d64270 |
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