000 02591nam a22002297a 4500
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020 _a9789371974714
082 _a294.3 AMB
100 _aAmbedkar, Bhimrao
245 _aBuddha aur unka dhamm = बुद्ध और उनका धम्म
260 _aChennai:
_bEkada,
_c2025.
300 _axlviii, 467p.:
_bill.; pbk.:
_c21 cm.
520 _aभगवान बुद्ध, सिद्धार्थ गौतम, ने लगभग 2500 साल पहले धम्म (पालि में धर्म) का मार्ग दिखाया। उन्होंने जीवन के दुखों और उनके कारणों को समझा और उनसे मुक्ति पाने का उपाय बताया। उनके धम्म का मूल चार आर्य सत्य हैं: दुःख है, दुःख का कारण है, दुःख का निरोध संभव है, और दुःख निरोध का मार्ग (अष्टांगिक मार्ग) है। बुद्ध का धम्म किसी ईश्वर की अवधारणा पर आधारित नहीं, बल्कि नैतिकता, ध्यान और प्रज्ञा पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य व्यक्ति को अज्ञान और तृष्णा से मुक्त कर निर्वाण प्राप्त करना है। यह मार्ग मध्य मार्ग कहलाता है, जो अत्यधिक भोग और अत्यधिक तपस्या दोनों से दूर रहने की शिक्षा देता है। बुद्ध ने समानता, अहिंसा और करुणा पर जोर दिया, जो आज भी प्रासंगिक हैं। उनके धम्म ने लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
650 _aAmbedkar, B. R. (Bhimrao Ramji), 1891–1956—Religious Views
650 _aBuddha Teachings
650 _aBuddhism—Social Aspects
650 _aSocial Equality—Religious Aspects—Buddhism
650 _aReligion and Morality
650 _aEthics—Buddhist Philosophy
942 _cHIN
999 _c64269
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