Gyan yoga = ज्ञान योग
Material type:
TextPublication details: Bengaluru: Indie Press, 2025.Description: iii, 265p.: pbk.: 20 cmISBN: - 9789371974684
- 181.48 VIV
| Item type | Current library | Collection | Call number | Copy number | Status | Barcode | |
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Hindi Books
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IIT Gandhinagar Hindi | General | 181.48 VIV (Browse shelf(Opens below)) | 1 | Available | 036678 |
ज्ञान योग "स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक गूढ़ और प्रेरणादायक ग्रंथ है, जिसमें उन्होंने ज्ञान मार्ग के माध्यम से आत्मा और परमात्मा की एकता को समझाने का प्रयास किया है। यह पुस्तक अद्वैत वेदांत पर आधारित है, जिसमें विवेक (विवेचन शक्ति), वैराग्य (दुनियावी मोह से विरक्ति), और आत्म-चिंतन के द्वारा सत्य की खोज का मार्ग बताया गया है। स्वामी जी के अनुसार, ज्ञान योग का उद्देश्य यह जानना है कि ""हम वास्तव में कौन हैं"" — आत्मा शरीर से अलग है और वह शुद्ध, चैतन्यस्वरूप है। उन्होंने कहा कि अज्ञान ही बंधन का कारण है और सच्चा ज्ञान ही मुक्ति का मार्ग है। यह ग्रंथ उन seekers के लिए है जो तर्क, चिंतन, और आत्म-अन्वेषण के माध्यम से ईश्वर को समझना चाहते हैं।"
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