TY - BOOK AU - Premchand, Munshi TI - Godan = गोदान SN - 9789357767651 U1 - 891.433 PRE PY - 2025/// CY - Chennai: PB - Ekada, KW - Premchand, 1880–1936—Criticism and Interpretation KW - Hindi Fiction KW - Peasantry—India—Fiction KW - Rural Life—India—Fiction KW - Social Realism—India—Fiction N2 - ‘उपन्यास सम्राट’ की उपाधि पानेवाले मुंशी प्रेमचंद हिन्दी के सबसे अधिक लोकप्रिय लेखक हैं। उन्होंने अपने जीवनकाल में चैदह उपन्यास, ढाई सौ कहानियां और अनगिनत निबंध लिखे। इसके अतिरिक्त उन्होंने कुछ अन्य भाषाओं की पुस्तकों को हिन्दी में अनूदित किया। उनका सारा लेखन यथार्थ पर आधारित था और उसके माध्यम से उस समय की सामाजिक स्थितियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उनका एक प्रयास था। बाल-विवाह, गरीबी, भुखमरी, ज़मींदारों के अत्याचार अक्सर उनके लेखन का विषय थे।1936 में लिखा गोदान उनका आखिरी उपन्यास है जिसे सबसे महत्वपूर्ण कृति माना जाता है। गोदान गांव में रहनेवाले उस परिवार की कहानी है जो कठिनाइयों का सामना करते हुए हिम्मत नहीं हारता। ER -