तितली उपन्यास मनुष्य और समाज के संघर्ष और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। इस उपन्यास में तितली, शैला, माधुरी, श्यामकुमारी, राजकुमारी आदि केवल स्त्री-सुलभ पात्र नहीं हैं, बल्कि वे ऐसी पात्र हैं जो अपनी 'कमजोरियों' से टूटकर भी मजबूत होती हैं और समाज में सुधार लाने का साहस रखती हैं
9789371979498
Prasad, Jaishankar, 1889–1937—Criticism and Interpretation Chhayavada Hindi Fiction Agrarian Society—India Rural Life—India—Fiction Human Relationships