TY - GEN AU - Kuprin, Aleksandr AU - Verma, Nirmal TI - Ratna-kangan tatha anya kahaniyan=रत्न-कंगन तथा अन्य कहानियाँ SN - 9789360867065 U1 - 891.734 KUP PY - 2024/// CY - New Delhi PB - Rajkamal Prakashan KW - Short Stories KW - Hindi Literature KW - Russian Literature KW - Soviet Union Writers KW - Translation N2 - कुप्रिन के पास समाज के हर तबक़े के पात्र के लिए अचूक अन्तर्दृष्टि थी और था एक स्पष्ट उद्देश्य—यथार्थ का अविकल अंकन और अन्याय का प्रतिरोध। वे अपनी कहानियों में हर तरह की विषमता को बड़ी संवेदनशीलता से रेखांकित करते हैं। प्रस्तुत संग्रह की कहानियाँ इसका मुकम्मल उदाहरण है। इसकी शीर्षक-कथा ‘रत्न-कंगन’ एक क्लर्क के एक राजसी महिला से एकतरफा प्रेम की कहानी है जो धीरे-धीरे उदात्त प्रेम पर लम्बे चिन्तन के आख्यान में बदल जाती है। https://rajkamalprakashan.com/ratna-kangan-tatha-anya-kahaniyan.html ER -