TY - GEN AU - Vijayrajmallika AU - S., Suma TI - Maine tumhara kya bigada=मैने तुम्हारा क्या बिगाड़ा SN - 9789357755399 U1 - 894.81216 VIJ PY - 2024/// CY - Delhi PB - Vani Prakashan KW - Malayalam Literature KW - Poetry Collection KW - Transgender Literature KW - Love and Nature Poetry KW - Translation KW - Hindi Literature N2 - विजयराजमल्लिका मलयालम की एक ट्रांसजेंडर कवयित्री हैं। ज़ाहिर सी बात है, जब वे एक ट्रांसजेंडर हैं तो उनकी कविता की दुनिया में ऐसा बहुत कुछ जो अनदेखा, अनजाना और अनछुआ भी। इसलिए उनकी कविताएँ मलयालम साहित्य को समृद्ध तो करती ही हैं, भारतीय साहित्य को भी समृद्ध करती हैं। मल्लिका जी की कविताएँ हमारे ही समय, समाज और इस पृथ्वी की कविताएँ हैं लेकिन अपने कंटेंट और ट्रीटमेंट के स्तर पर जिस तरह वे स्त्री-पुरुष के लोक में अपने विषमलिंगी लोक को रचती हैं, वह दृष्टि, संवेदना और प्रतिरोध के निमित्त भीतर कहीं ठहर-सा जाता है ताकि कहन में गहन को सम्भृत हो जान सकें । https://vaniprakashan.com/home/product_view/7997/Maine-Tumhara-Kya-Bigada-Hai ER -