Olesya: tatha anya kahaniyan=ओलेस्या: तथा अन्य कहानियाँ
- New Delhi: Rajkamal Prakashan, 2024.
- 270p.: hbk.: 20 cm.
तोल्स्तोय, गोर्की और चेख़ॅव की ही तरह रूसी समाज और बृहत्तर मानवीय नियति के द्रष्टा लेखक कुप्रिन की इन कहानियों में उनके समय की अनेक ऐसी स्थितियों के विवरण हैं जिनकी भयावहता स्तब्ध कर देती है। वस्तुत: ये कहानियाँ मानवीय जीवन को क्षत करने वाले विचारों और परिस्थितियों के विरुद्ध खड़ी ऐसी रचनाएँ हैं जिन्हें एक बार पढ़ लेने के बाद भुलाना मुमकिन नहीं है।