Local cover image
Local cover image
Amazon cover image
Image from Amazon.com

Chhota jadugar aur anya kahaniyan = छोटा जादूगर और अन्य कहानियां

By: Material type: TextPublication details: Chennai: Ekada, 2025.Description: vi, 167p.: pbk.: 20 cmISBN:
  • 9789371970853
Subject(s): DDC classification:
  • 891.433 PRA
Summary: यह संकलन जयशंकर प्रसाद की मार्मिक और जीवन-स्पर्शी कहानियों का चयन प्रस्तुत करता है, जिसमें छोटा जादूगर को मुख्य आधार बनाते हुए उनकी अन्य महत्त्वपूर्ण कहानियाँ भी सम्मिलित की गई हैं। हिंदी साहित्य में प्रसाद केवल एक कवि और नाटककार ही नहीं, बल्कि कथाकार के रूप में भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनकी कहानियाँ मानवीय संवेदना, समाज की विडंबनाओं और व्यक्ति के आत्मसंघर्ष को विशिष्ट भाषा-वैभव के साथ उकेरती हैं। छोटा जादूगर में प्रसाद ने बचपन की मासूम दृष्टि और अद्भुत आत्मबल को मार्मिक रूप से चिलित किया है। एक साधारण से लगने वाले बालक के अद्भुत जीवनानुभव हमें यह सिखाते हैं कि सपनों और आत्मविश्वास की उड़ान कितनी परिवर्तनकारी हो सकती है। बाल मन की सरलता, उसकी करुणा और उसकी सहज शक्ति को जिस बारीकी से प्रसाद ने उभारा है, वही उनकी कथा-कला की विशेष पहचान है। इस संग्रह की अन्य कहानियाँ भी समाज और व्यक्ति के भीतर छिपी हुई जटिलताओं की परतें खोलती हैं। इनमें कहीं सामाजिक परिवर्तन की आहट है, कहीं करुणा की गहरी छाप, तो कहीं जीवन का व्यावहारिक व्यंग्य। प्रसाद का गद्य अपनी काव्यमयता और दार्शनिक दृष्टि के कारण हिंदी साहित्य में अद्वितीय है।
Tags from this library: No tags from this library for this title. Log in to add tags.
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)
Holdings
Item type Current library Collection Call number Copy number Status Barcode
Hindi Books IIT Gandhinagar Hindi General 891.433 PRA (Browse shelf(Opens below)) 1 Available 036652

यह संकलन जयशंकर प्रसाद की मार्मिक और जीवन-स्पर्शी कहानियों का चयन प्रस्तुत करता है, जिसमें छोटा जादूगर को मुख्य आधार बनाते हुए उनकी अन्य महत्त्वपूर्ण कहानियाँ भी सम्मिलित की गई हैं। हिंदी साहित्य में प्रसाद केवल एक कवि और नाटककार ही नहीं, बल्कि कथाकार के रूप में भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनकी कहानियाँ मानवीय संवेदना, समाज की विडंबनाओं और व्यक्ति के आत्मसंघर्ष को विशिष्ट भाषा-वैभव के साथ उकेरती हैं। छोटा जादूगर में प्रसाद ने बचपन की मासूम दृष्टि और अद्भुत आत्मबल को मार्मिक रूप से चिलित किया है। एक साधारण से लगने वाले बालक के अद्भुत जीवनानुभव हमें यह सिखाते हैं कि सपनों और आत्मविश्वास की उड़ान कितनी परिवर्तनकारी हो सकती है। बाल मन की सरलता, उसकी करुणा और उसकी सहज शक्ति को जिस बारीकी से प्रसाद ने उभारा है, वही उनकी कथा-कला की विशेष पहचान है। इस संग्रह की अन्य कहानियाँ भी समाज और व्यक्ति के भीतर छिपी हुई जटिलताओं की परतें खोलती हैं। इनमें कहीं सामाजिक परिवर्तन की आहट है, कहीं करुणा की गहरी छाप, तो कहीं जीवन का व्यावहारिक व्यंग्य। प्रसाद का गद्य अपनी काव्यमयता और दार्शनिक दृष्टि के कारण हिंदी साहित्य में अद्वितीय है।

There are no comments on this title.

to post a comment.

Click on an image to view it in the image viewer

Local cover image
Share


Copyright ©  2022 IIT Gandhinagar Library. All Rights Reserved.