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Maine tumhara kya bigada=मैने तुम्हारा क्या बिगाड़ा

By: Contributor(s): Publication details: Delhi: Vani Prakashan, 2024.Description: 98p.: ill.; hbk.; 23 cmISBN:
  • 9789357755399
Subject(s): DDC classification:
  • 894.81216 VIJ
Summary: विजयराजमल्लिका मलयालम की एक ट्रांसजेंडर कवयित्री हैं। ज़ाहिर सी बात है, जब वे एक ट्रांसजेंडर हैं तो उनकी कविता की दुनिया में ऐसा बहुत कुछ जो अनदेखा, अनजाना और अनछुआ भी। इसलिए उनकी कविताएँ मलयालम साहित्य को समृद्ध तो करती ही हैं, भारतीय साहित्य को भी समृद्ध करती हैं। मल्लिका जी की कविताएँ हमारे ही समय, समाज और इस पृथ्वी की कविताएँ हैं लेकिन अपने कंटेंट और ट्रीटमेंट के स्तर पर जिस तरह वे स्त्री-पुरुष के लोक में अपने विषमलिंगी लोक को रचती हैं, वह दृष्टि, संवेदना और प्रतिरोध के निमित्त भीतर कहीं ठहर-सा जाता है ताकि कहन में गहन को सम्भृत हो जान सकें । https://vaniprakashan.com/home/product_view/7997/Maine-Tumhara-Kya-Bigada-Hai
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विजयराजमल्लिका मलयालम की एक ट्रांसजेंडर कवयित्री हैं। ज़ाहिर सी बात है, जब वे एक ट्रांसजेंडर हैं तो उनकी कविता की दुनिया में ऐसा बहुत कुछ जो अनदेखा, अनजाना और अनछुआ भी। इसलिए उनकी कविताएँ मलयालम साहित्य को समृद्ध तो करती ही हैं, भारतीय साहित्य को भी समृद्ध करती हैं।

मल्लिका जी की कविताएँ हमारे ही समय, समाज और इस पृथ्वी की कविताएँ हैं लेकिन अपने कंटेंट और ट्रीटमेंट के स्तर पर जिस तरह वे स्त्री-पुरुष के लोक में अपने विषमलिंगी लोक को रचती हैं, वह दृष्टि, संवेदना और प्रतिरोध के निमित्त भीतर कहीं ठहर-सा जाता है ताकि कहन में गहन को सम्भृत हो जान सकें ।

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