Khurduri hatheliyan = खुरदुरी हथेलियाँ
Publication details: Radhakrishna Prakashan, 2019. Delhi:Description: 182p.; hbk; 23cmISBN:- 9788183610308
- 891.43371 ANA
| Item type | Current library | Collection | Call number | Copy number | Status | Barcode | |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
Hindi Books
|
IIT Gandhinagar | General | 891.43371 ANA (Browse shelf(Opens below)) | 1 | Available | 032182 |
Browsing IIT Gandhinagar shelves,Collection: General Close shelf browser (Hides shelf browser)
|
|
|
|
|
|
|
||
| 891.43371 ACH Kavita me nahin hai jo = कविता में नहीं है जो | 891.43371 AMA Sookha patta = सूखा पत्ता | 891.43371 ANA Pani ko sab yaad tha = पानी को सब याद था | 891.43371 ANA Khurduri hatheliyan = खुरदुरी हथेलियाँ | 891.43371 ANA Band raston ka safar = बंद रास्तों का सफ़र | 891.43371 ANA Anushtup = अनुष्टुप | 891.43371 ANA Doob-dhan = दूब-धान |
Includes authors introduction.
अनामिका की कविताएँ एक व्यापक अर्थ में गहरे वात्सल्य और हँसमुख दोस्त-दृष्टि की सधी अभिव्यक्तियाँ हैं। स्त्री के लेंस से वृहत्तर समाज की क्लिष्ट विडम्बनाएँ देखती-समझती इन कविताओं में एक महीन-सी परिहास वृत्ति भी है, गम्भीर क़िस्म की एक क्रीड़ाधर्मिता–सत्य को समग्रता में समझने की ईमानदार कोशिश!
लोकरंग में रची-बसी इस समाद्रित स्त्री कवि की शब्द और बिम्ब-सम्पदा के स्रोत अनन्त हैं। यहाँ लोकजीवन का कोई अनूठा प्रसंग विश्व-साहित्य के किसी मार्मिक प्रसंग की उँगली पकडक़र उसी तरंग में उठता है जिसमें चेखव की ‘तीन बहनें’ उठती थीं। मिलकर देखे एक सपने का तबोताब है इनमें!
मुहावरे, कहावतें, पढ़ा-सुना-भोगा हुआ– सब कुछ एक अलग कौंध में उजागर करती इन कविताओं में स्त्री-भाषा अपने पूरे ठस्से के साथ अपनी अलग-सी उपस्थिति दर्ज करती है।
https://rajkamalprakashan.com/khurduri-hatheliyan-hard-cover.html
There are no comments on this title.