Nirupama = निरुपमा
Tripathi, Suryakant
Nirupama = निरुपमा - Chennai: Ekada, 2025. - 126p.: pbk.: 22 cm.
रचना क्रम की दृष्टि से निरुपमा निराला का चौथा उपन्यास है। पहले के तीन उपन्यासों-अप्सरा, अलका और प्रभावती की तरह इस उपन्यास का कथानक भी घटना-प्रधान है। स्वतंत्रता आन्दोलन के दिनों में, खासकर बंगाल में समाज-सुधार की लहर पूरे उभार पर थी। इसी समायावधि में निराला ने निरूपमा उपन्यास की रचना की।
9789371979030
Nirala, Suryakant Tripathi, 1896–1961—Criticism and Interpretation
Hindi Fiction
Women—India—Fiction
Bengal (India)—Social Conditions—Fiction
Nationalism—India—Fiction
891.433 TRI
Nirupama = निरुपमा - Chennai: Ekada, 2025. - 126p.: pbk.: 22 cm.
रचना क्रम की दृष्टि से निरुपमा निराला का चौथा उपन्यास है। पहले के तीन उपन्यासों-अप्सरा, अलका और प्रभावती की तरह इस उपन्यास का कथानक भी घटना-प्रधान है। स्वतंत्रता आन्दोलन के दिनों में, खासकर बंगाल में समाज-सुधार की लहर पूरे उभार पर थी। इसी समायावधि में निराला ने निरूपमा उपन्यास की रचना की।
9789371979030
Nirala, Suryakant Tripathi, 1896–1961—Criticism and Interpretation
Hindi Fiction
Women—India—Fiction
Bengal (India)—Social Conditions—Fiction
Nationalism—India—Fiction
891.433 TRI