Gaban = गबन
Premchand, Munshi
Gaban = गबन - Chennai: Ekada, 2025. - 317p.: pbk.: 22 cm.
गबन मुंशी प्रेमचंद के शुरुआती उपन्यासों मैं से एक है। यह एक खास विषय पर लिखा गया उपन्यास है जिसमे गहनों के प्रति पत्नी का आकर्षण पति के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों व उसके परिणामो को दिखाया गया है। जालपा का आभूषणों के प्रति गहरी इच्छा और उस इच्छा के प्रति रमानाथ द्वारा किये गये ग़बन को इस उपन्यास मे बड़े ही मामरिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
9789357767620
Premchand, 1880–1936—Criticism and Interpretation
Hindi Fiction
Peasantry—India—Fiction
Rural Life—India—Fiction
Social Realism—India—Fiction
891.433 PRE
Gaban = गबन - Chennai: Ekada, 2025. - 317p.: pbk.: 22 cm.
गबन मुंशी प्रेमचंद के शुरुआती उपन्यासों मैं से एक है। यह एक खास विषय पर लिखा गया उपन्यास है जिसमे गहनों के प्रति पत्नी का आकर्षण पति के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों व उसके परिणामो को दिखाया गया है। जालपा का आभूषणों के प्रति गहरी इच्छा और उस इच्छा के प्रति रमानाथ द्वारा किये गये ग़बन को इस उपन्यास मे बड़े ही मामरिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
9789357767620
Premchand, 1880–1936—Criticism and Interpretation
Hindi Fiction
Peasantry—India—Fiction
Rural Life—India—Fiction
Social Realism—India—Fiction
891.433 PRE