Kamayani = कामायनी
Material type:
TextPublication details: Chennai: Ekada, 2025.Description: xiii, 151p.: pbk.: 20 cmISBN: - 9789371974813
- 891.431 PRA
| Item type | Current library | Collection | Call number | Copy number | Status | Barcode | |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
Hindi Books
|
IIT Gandhinagar Hindi | General | 891.431 PRA (Browse shelf(Opens below)) | 1 | Available | 036647 |
कामायनी हिंदी भाषा का एक महाकाव्य है। इसके रचयिता जयशंकर प्रसाद हैं। यह आधुनिक छायावादी युग का सर्वोत्तम और प्रतिनिधि हिंदी महाकाव्य है। ‘प्रसाद’ जी की यह अंतिम काव्य रचना 1936 ई. में प्रकाशित हुई थी। जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी 1889 को काशी के सराय गोवर्धन में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा काशी में ही प्राप्त की और बाद में उन्होंने अपने घर पर ही संस्कृत, हिंदी, उर्दू और फारसी की शिक्षा ली। उन्हें कवि, नाटककार और उपन्यासकार की उपाधियों से सम्मानित किया गया। 15 नवंबर, 1937 को काशी में तपेदिक के कारण उनकी मृत्यु हो गई। महाकाव्य कामायनी के माध्यम से प्रसाद ने मनु और श्रद्धा की वैदिक कहानियों पर प्रकाश डाला है, जो दुनिया को खत्म करने वाले जलप्रलय से बचने वाले पहले पुरुष और महिला थे।
There are no comments on this title.